हैलो दोस्तों आपका हमारे ब्लॉग में स्वागत है इस लेख में हम आपको वर्तमान के बदलते दौर के बारे मे बतायेंगे तो चलते हैँ किस तरह टेक्नोलॉजी ने सब कुछ बदल दिया है।
बच्चो का हर वक्त मोबाइल पर उँगलियाँ चलाना हर समय हाथ में मोबाइल लेकर बैठना, कोई भी काम हो चाहे खाना खा रहे हों या बाथरूम में नहाते हुए म्यूजिक सुनना हो- मोबाइल का साथ नहीं छूटता है ! जब बात होमवर्क या प्रोजेक्ट से सम्बंधित कुछ भी सर्च करने की हो तब वे अपने पेरेंट्स या शिक्षक से मदद लेने के बजाय मोबाइल का मार्गदर्शन पसंद करते हैं ! इसलिए मोबाइल कई बच्चों के लिए शरीर का एक न्य एक्सटेशन बन गया है जो चौबीस घंटे उनके साथ रहता है !
ऑनलाइन गेम्स की लत
बच्चों में ऑनलाइन गेम्स खेलने की लत बढ़ती जा रही है ! कुछ बच्चे लेवल पार करने के लिए मा
ता - पिता का पैसा लगा रहे हैं और हारने पर कुछ गलत कदम उठा लेते हैं झूठ बोलने लगते हैं जिससे बच्चों को बचाना चाहिए और पेरेंट्स को सजग रहने की आवस्यकता है !
आँखों की दिक्कत
मोबाइल में लगातार गेम खोलने या सोशल मिडिया पर जायदा वक्त बिताने के कारण बच्चों में आँखों की सेहत पर नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है ! मसलन ,डिजिटल आई स्ट्रेन या कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम की समस्या बाद रही है
कम होती एकाग्रता
हर पल मोबाइल परा आते massage अलेअर्ट उनकी एकाग्रता को भटकते हैं उनकी एकाग्रता कम होती जा रही है और वे कम को बीच में ही छोडकर मोबाइल देखने लगतेहैं
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