मंगलवार, 18 जनवरी 2022

NOTE MAKING AND LETTER WRITING INSTRUCTIONS




Hello respected teacher's and dear student's


हमारे इस लेख मे जानेंगे नोट मेकिंग और पत्र लेखन के टिप्स और फॉर्मेट किस तरह से बनाना होता है तो इस लेख को पूरा पढ़िए आपको जरूर हेल्पफुल होगा। 


WRITING


माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा निर्धारित ब्लू प्रिंट के अनुसार इस section के लिए 16 अंक निर्धारित है। इन 16 अंको का विभाजन 4 प्रश्नों के रूप मे किया गया है 

1.   Note making with Title                  -04 marks
2.   Formal/informal letter                   -04 marks
3.   Essay                                               -05 marks
4.   Picture guided composition         -03 marks


NOTE MAKING:-                              4×1=4 marks


1. सबसे पहले passage को कम से कम तीन बार पढ़ना         चाहिए ।
2. पहली Reading जिससे हम passage के main               ideas के बारे में जानकारी मिलती है इस Reading से         हमें passage का title भी मिल सकता है।
3.  दूसरी Reading करते समय passage में आये main        points/key words को identify करके under              line  करना चाहिए ।
4.   तीसरी Reading में main point/key word से related detail को समझकर उनको लिखना । ये हमारे points होंगे।


WRINTING:-


                   अब हमारे द्वारा passage में चिन्हित किये  गए  main points को logical sequence में निर्धारित format में लिखेंगे। main points से related details को पॉइंट  में लिखना है। main points एवं points को margin से एक समान दूरी पर लिखें। Notes बनाते समय abbreviations का प्रयोग करें।

FORMAT OF NOTE MAKING


      Title...........................

1.     sub heading 
         1.1
         1.2
2.     Sub heading
         2.1
         2.2
3.     Sub heading
         3.1
         3.2

USE OF ABBREVIATIONS:-
Eg- dvlpmnt for development, meng for morning

                               

                    LETTER WRITING         4×1=4marks

      

    गतिविधि:-
                इस खंड को समझाने के लिए छात्रों से निम्न प्रश्नों      के माध्यम से चर्चा करें।
1.  क्या वर्तमान समय एवं पूर्व के समय के पत्रों को लिखने        के तरीके या माध्यम में कोई अंतर है?
2.  पूर्व के समय में पत्र किस प्रकार के माध्यम से लिखे जाते        थे।
3.   क्या आपने कोई पत्र / आवेदन पत्र लिखा है?

▶️  उपर्युक्त प्रश्नों पर चर्चा करने के बाद किसी एक पत्र/              आवेदन पत्र की विषयवस्तु के बारे में छात्रों से चर्चा करें।
LETTERS दो प्रकार के होते हैं :-
 1.    Informal  Letters -
  a.  यह मित्र, सम्बन्धी अथवा रिश्तेदार को लिखा जाता है।
  b.  इसकी भाषा अनौपचारिक होती है।


FORMAL LETTERS


 a. यह किसी अधिकारी अथवा संस्था को सम्बोधित              कर  लिखा जाता है।
b. इसकी भाषा औपचारिक होती है।
c. सामान्य भाषा में इसे Application भी कहा जाता है।



                         INFORMAL LETTER


 INFORMAL LETTER के FORMAT को विद्यार्थियों से प्रश्न पूछ कर विकसित कर सकते हैं। जैसे-
What is your address?
What is the date today?
Who are you writing this letter to?
What is the message?


Teacher will write address of some students on the board . Teacher can ask some questions to get format from students.

1.   Whom are you writing a letter? 
2. Who addressing you?
3. Where does XYZ live ?
4. Where are you residing?
 Explain them house no. Street, city, state postal code etc. 


Application/Letter Marking Scheme:-
Sender's/ Receiver's Address + Salutation   -1 marks

Body/content.               -   2 marks

Subscription                  -  1 marks
 


INFORMAL  LETTER

PRESENTATION:-   Teacher will show the format of information letter on the board and tell them about the given marks distribution.


FORMAT OF INFORMAL LETTER 



SENDER'S ADDRESS


DATE                                      }                 1 marks  


SALUTATION






BODY OF THE LETTER
                                                        }         2MARKS

(DEPENDS ON THE CONTENT) 






COMPLIMENTARY
CLOSE

SUBSCRIPTION            }      1MARKS

NAME





KEY POINTS:-

1.  SALUTATION - DEAR, MY LOVING FRIEND........ (GREETING)

2. OPENING -

a. How are you?
b. I hope that you are doing well.
c. I am well here and hope the same for you.


Write  3-4 lines according to subject ( friendly tone)

3. Ending-
a. See you soon.
b. With regards .
c. Lots of love .
d. Best wishes .
e. I am looking forward to meeting you soon.



FORMAT FOR FORMAL LETTER:-


TO

ADDRESS OF SENDER
DATE :-
ADDRESS OF RECEIVER          }     1
SUBJECT:-
SALUTATION



Body of letter (content as per the question) 2marks



Thanking you                      }       2marks
Sender's name





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बुधवार, 12 जनवरी 2022

स्वामी विवेकानंद जी शिकागो मे यादगार भाषण दिए थे

स्वामी विवेकानंद का भाषण -



विवेकानंद जी ने अपने भाषण कि शुरुआत प्रिय  बहनों और भाईयों से की थी । उनहोंने अपने वक्तव्य मे कहा, आपके इस स्नेहपूर्ण और जोरदार स्वागत से मेरा हृदय अपार हर्ष से भर गया है । मैं आप सभी को दुनिया की सबसे पुरानी परंपरा की ओर से शुक्रिया करता हूँ। मैं आपको सभी धर्मों की जननी कि तरफ से धन्यवाद देता हूँ।


उन्होंने कहा, मेरा धन्यवाद उन लोगों को भी है जिन्होंने इस मंच का उपयोग करते हुए कहा कि दुनिया मे सहनशीलता का विचार भारत से फैला है । ' स्वामी विवेकानंद ने आगे बताया था कि उन्हें गर्व है कि वे एक ऐसे धर्म से हैं, जिसने दुनियाभर के लोगों को सहनशीलता और स्वीकृति का पाठ पढ़ाया ।

विवेकानंद जी सभी धर्मो का सम्मान करते थे 


शिकागो मे विश्व धर्म सम्मलेन के अपने भाषण मे स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि हम सिर्फ सार्वभौमिक सहनशीलता में हि विश्वास नहीं करते हैं। बल्कि हम दुनिया के सभी धर्मों के सामान मानते हैं और सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। और सभी धर्मों को सत्य के रूप मे स्वीकार भी करते हैं । मैं गर्व करता हूँ कि मैं एक ऐसे देश से हूँ जिसने इस धरती के सभी देशों और धर्मों के परेशान और सताए गए लोगों को सहारा दिया है ।


उन्होंने कहा कि यह बताते हुए मुझे गर्व हो रहा है कि हमने अपने हृदय मे उन इजराइल की पवित्र स्मृतियां संजोकर रखी हैं, जिनके धर्म स्थलों को रोमन हमलावरों ने तोड़ तोड़कर खंडहर मे तब्दील कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दक्षिण भारत मे शरण ली थी ।

मुझे गर्व है कि मेरा देश किसी धर्म का अपमान नहीं करता 


स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि सभी धर्मों के लोगों को शरण दी । मुझे इस बात का गर्व है कि मैं जिस धर्म से हूँ । उसने महान पारसी धर्म के लोगों को शरण दी है। इसके बाद अभी भी उन्हें पाल रहा है। इसके बाद उन्होंने श्लोक की कुछ पंक्तियाँ भी सुनाई थीं।

रूचिनां वैचित्रयादृजुकुटिलनानापथजुषाम्  नृणामेको  गम्यसत्वमसी पयसामणव इव ।।


श्लोक का अर्थ


जैसे नदियाँ अलग अलग स्त्रोतों से निकलती है और आखिर में समुद्र मे जाकर मिलती हैं । वैसे ही मनुष्य अपने इच्छा के अनुरूप अलग अलग रास्ते चुनता है।


उन्होंने कहा, 'लंबे समय से कट्टरता, सम्प्रदायिकता, हठधर्मिता, आदि अपने शिकंजे मे जकडे हुए हैं। इन सभी ने धरती को हिंसा से भर दिया है। कई बार धरती खून से लाल हुई है, इसके आलावा कई सभ्यताओं का विनाश हुआ है और ना जाने कितने देश नस्ट हो गए।

इस प्रकार स्वामी विवेकानंद जी के वक्तव्यों ने विश्व मे उनको प्रसिद्ध कर दिए । हम ऐसे महान विचारशील व्यक्ति को नमन करते हैं। स्वामी विवेकानंद जी के भाषण ने विश्व को एक नई ऊर्जा दिया और लोगों को विचार करने को प्रेरित किया ।


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शनिवार, 8 जनवरी 2022

अध्यापकों की सेवा के 22 साल शून्य ,2018 से मानी जाएगी नियुक्ति ।

मध्य प्रदेश के करीब ढाई लाख अध्यापकों की सेवा के करीब  22 साल शून्य हो गए हैं। अध्यापकों की नियुक्ति 2018 से मानी जाएगी। इसके विरोध मे शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जुलाई 2018 से अध्यापक संवर्ग को स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन कि घोषणा कि थी।


इसमें संविलियन कर समान पद नाम वा वेतन दिया जाना था लेकिन विभाग के अफसरों ने गुमराह कर अध्यापक संवर्ग के संविलियन को जुलाई 2018 से शिक्षा विभाग के स्थान पर एक नया कैडर राज्य शिक्षा सेवा में नवीन नियुक्ति प्रदान कर दी। जिससे प्रदेश के 2 लाख 37 हजार अध्यापकों की करीब 22 वर्षों  की सेवा शून्य हो गई है। उनकी वरिष्टता,पदोन्नति,क्रमोन्नति, ग्रेच्युटी, परिवार पेंसन इत्यादि से भी वंचित कर दिया गया। 



मुख्यमंत्री कि घोषणा अनुसार अध्यापक संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलियन होता, तो समस्त अध्यापक संवर्ग को नियमित शिक्षक संवर्ग के समान सभी शासकीय सेवा शर्तों का लाभ प्राप्त होता।





लेकिन विभाग के अधिकारीयों ने मूल विभाग के वर्ष 1994 मे मृत शिक्षक संवर्ग के कैडर को पुनर्जिवित करने के स्थान पर नए राज्य शिक्षा सेवा कैडर में संविलियन के स्थान पर नियुक्ति कर दी। 




इससे अध्यापक संवर्ग को जुलाई 2018 से नए सिरे से नियुक्ति मानी गई। इसके फलस्वरुप प्रदेश के समस्त अध्यापक की पूर्व मे की गई सेवा के अनुसार शासकीय लाभों को प्राप्त करने के लिए दर दर कि ठोकर खाने के लिए मजबूर हैं । राज्य शिक्षा सेवा की विसंगतिपूर्ण सेवा शर्तों, नियुक्ति के स्थान पर संविलियन करने व प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने समेत अन्य बिंदुओं को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। 



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